कारगिल युद्ध के युद्धवीर श्याम सुंदर जायसवाल को पुलिस से इंसाफ की मांग

पुलिस के संरक्षण में हो रहा है कब्जा




 मकान न नं0 59/129, पुरानी दालमण्डी, कानपुर नगर पर अवैध रूप से कब्जा क कलक्टरगंज पुलिस द्वारा माननीय नगर मजिस्ट्रेट महोदय कानपुर नगर के आदेश के अनुपालन में धारा 145 सी०आर०पी०सी० की कार्यवाही करते हुए सीज कर दिया था उसके बाद माननीय न्यायालय के निर्णय दिनांक 11-09-2015 को आदेशित किया था कि दुकान कमला देवी के हक में खोल दी जाये। इसके बाद प्रार्थिनी ने उक्त आदेश के विरुद्ध रिवीजन संख्या 497/2015 श्याम सुन्दर जायसवाल बनाम श्रीमती कमला देवी चौधरी दाखिल किया जिसमें माननीय ए०डी० जे० सप्तम महोदय, कानपुर नगर द्वारा आदेश दिनांक 11-09-2015 को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद पुनः नगर मजिस्ट्रेट कानपुर नगर द्वारा दिनांक 03-10-2020 को कमला देवी के हक में दुकान खोलने का आदेश पारित कर दिया जिसके विरुद्ध रिवीजन संख्या 149/2020 प्रार्थिनी ने दाखिल किया जिसमें अपर सत्र न्यायाधीश महोदय कोर्ट नं० 1, कानपुर नगर द्वारा रिवीजन निरस्त करते हुए नगर मजिस्ट्रेट महोदय आदेश को सही मानते हुए पत्रावली वापस नगर मजिस्ट्रेट कानपुर नगर को भेज दी गई। इस दौरान कमला देवी व उनके पति जयकिशन चौधरी तथा उनके दोनों पुत्र जयदीप व राजदीप की मृत्यु हो चुकी थी और मूल पत्रावली में सभी लोग कमला देवी के वारिसान के रूप में मुकदमा विचारण के दौरान नहीं थे और धारा 145 सी०आर०पी०सी० की प्रक्रिया में वारिसानों को वादी नहीं बनाया जा सकता । इसी आधार पर स्वंय श्रीमती नीलिमा चौधरी, सुयश चौधरी व इशिता चौधरी द्वारा वादी बनने का प्रार्थना पत्र 16 - 12 - 2023 को नॉट प्रेस कर लिया गया। इसी आधार पर माननीय न्यायालय अपर नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या 2, कानपुर नगर द्वारा माननीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय कोर्ट सख्या 1, कानपुर नगर के आदेश के विरुद्ध रिट याचिका फाइल संख्या ए-227/17670/2023 श्याम सुन्दर जायसवाल बनाम स्टेट आफ यू०पी० के विचाराधीन होने का विवरण देते हुए पत्रावली पर मकान का कब्जा देने का परवाना न करते हुए पत्रावली दाखिल-दफ्तर करने का आदेश दिनांक 26-12-2023 को पारित कर दिया।  कि धारा 145 सी० आर०पी०सी० की कार्यवाही और निर्णय न होने कके बाद भी जब तक विचारण न्यायालय खाली करने का परवाना नहीं जारी करती है, तब तक किसी भी सम्पत्ति को खाली कराने का अधिकार किसी भी प्राधिकारी /पुलिस अधिकारी/पक्षकार के पास नहीं है।परन्तु दि० 02-01-2024 को समय करीब 03:00 बजे नीलिका चौधरी अपने पुत्र सुयश चौधरी व पुत्री इसिका चौधरी तथा 5-6 अन्यमाथियों के साथ लेकर विवादित सम्पत्ति का ताला तोड़ने लगे जब मेरे द्वारा विरोध किया गया तो सुयश चौधरी ने सरिया से अपने साथियों के साथ हमला कर दिया जिससे मेरे पैर व अन्य जगह चोटें आई हैं। मौके पर थाना कलक्टरगंज, कानपुर नगर की पुलिस आ गई। इस कारण मेरी जान बचस की। मैंने इसकी रिपोर्ट थाना कलक्टरगंज, कानपुर नगर में की थी परन्तुथा  पुलिस सील सम्पत्ति का ताला खुलवाने पर अमादा है।