कानपुर में एक भाजपा नेता की शय पर पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है जहां पर वायुसेना के रिटायर्ड सैनिक लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है
दरअसल 11 जनवरी को सोशल मीडिया पर पुलिस द्धारा एक महिला अधिवक्ता से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें महिला अधिवक्ता पुलिस पर आरोप लगाते हुए दिख रही थी ये पूरा मामला इसी प्रकरण से जुड़ा हुआ है
कानपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता करते हुए वायु सेना के रिटायर्ड सैनिक श्याम सुंदर जायसवाल ने अपनी अधिवक्ता बेटियों मीना जायसवाल और सुनीता जायसवाल के साथ बताया कि थाना कलेक्टरगंज क्षेत्र में उनकी एक दुकान है जिसका मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन फिर भी कलेक्टरगंज पुलिस जबरन दूसरे पक्ष नीलिका चौधरी व नीलम चौधरी का साथ देकर ताला तुड़वाने में लगीं हुयी
मीना सिंह का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के केबिनेट मंत्री की शय पर उनके भांजे मानस सचान की मौजूदगी में पुलिस ने 11 जनवरी की उनसे बर्बरता करी है पीड़ित ने बताया कि कलेक्टरगंज पुलिस उनके घर और सड़क पर सरेआम मारते हुए थाने ले गयी और थाने में भी मारपीट करी इतना ही नहीं जब बीच बचाव में उनकी बेटी आयी तो उसके साथ ही अभद्रता कर दी ।
श्याम सुंदर जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत करी थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुयी खुद ज्वाइंट सीपी आनन्द प्रकाश तिवारी ने 4 जनवरी को सेक्शेशन सर्टिफिकेट आने पर कार्यवाही करने को बोला था जिसमें करीब 6 माह का समय लगता है फिर भी पुलिस मंत्री की शय पर दूसरे पक्ष से मिलकर सरेआम बर्बरता कर दी